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पितृदोषपिवारणशाांपतक ेउिायऔरिूजात्र्यांबक े श्वर, िापिक भारतकीप्राचीनज्योततषतिद्यामेंतितृदोषकोएकअत्यंतप्रभािशालीदोषमानागया है।यहदोषतबउत्पन्नहोताहैजबतकसीजातकक ेिूिवजोंकीआत्मातकसीकारणिश अशांतरहतीहैयाउनक ेकमवअधूरेरहजातेहैं।इसकासीधाअसरव्यक्तिक ेजीिन, कररयर, तििाहऔरसंतानसुखिरिड़ताहै।सौभाग्यसे, तितृदोषतनिारणशांततक े उिायऔरिूजात्र्यंबक े श्वर, नातसकमेंतितधितरृिसेतकएजानेिरइसक ेदोषोंका तनिारणसंभिहै। िंतिततिद्यानंदगुरूजी - संिक वकरें: +91 7030000788 पितृदोषक्याहै? तितृदोषउससमयबनताहैजबमृतिूिवजोंकीआत्माकोश्राद्ध, तिवणयाअन्यधातमवक कतवव्योंसेसंतुतिनहींतमलती।यहदोषजातककीक ुं िलीमेंराहु, क े तु, सूयवयाशतन जैसेग्रहोंकीतिशेषक्तिततयोंसेिहचानाजाताहै।इसदोषसेिीतड़तव्यक्तिको संतानहीनता, बार-बारतििाहमेंबाधा, नौकरीमेंरूकािट, मानतसकतनािऔर िाररिाररककलहजैसीसमस्याओंकासामनाकरनािड़ताहै। क ां डलीमेंपितृदोषकीजााँचपिश ल्ककरें: अगरआिकोलगताहैतकआिक ेजीिनमेंअचानकरूकािटेंआरहीहैं, तोसंभिहैतक आिकीक ुं िलीमेंतितृदोषहो।िंतिततिद्यानंदगुरूजीक ेद्वाराक ां डलीमेंपितृदोषकी जााँचतनशुल्ककरेंऔरअिनेजीिनकीबाधाओंकासहीकारणसमझें।गुरूजीकीिषों कीअनुभिीदृतिसेक ुं िलीकासटीकतिश्लेषणतकयाजाताहैऔरसमाधानसुझाया जाताहै। त्र्यांबक े श्वरमेंपितृदोषपिवारणिूजा: त्र्यंबक े श्वर, नातसकमेंक्तितज्योतततलिंगमंतदरतितृदोषतनिारणक ेतलएतिशेषरृिसे प्रतसद्धहै।यहांतितृदोषतनिारणिूजाऔरनारायणनागबलीजैसीतितशििूजाएंकी जातीहैं।यहिूजातीनतदनोंतकचलतीहैतजसमें: •प्रथमतदन – तिवणऔरश्राद्ध
•तद्वतीयतदन – नारायणनागबलीिूजा •तृतीयतदन – रूद्रातभषेकऔरब्राह्मणभोज इनिूजातितधयोंसेिूिवजोंकीआत्माकोशांतततमलतीहैऔरजातकक ेजीिनमेंसुख- शांततकाप्रिेशहोताहै। िांपडतपवद्यािांदग रुजीकामागगदशगि: िंतिततिद्यानंदगुरूजीत्र्यंबक े श्वरक ेअनुभिीऔरप्रतसद्धिुरोतहतोंमेंसेएकहैं।उन्ोंने हजारोंलोगोंकीक ुं िलीदेखकरतितृदोषकातनिारणकरिायाहै।गुरूजीकीिूजातितध िूरीतरहिैतदकिरंिराओंिरआधाररतहोतीहैऔरसंिूणवश्रद्धासेकीजातीहै।आि +91 7030000788िरकॉलकरक ेिूजाकीबुतक ं गकरसकतेहैंयाअिनीक ुं िली तनशुल्कजांचसकतेहैं। पितृदोषपिवारणक ेअन्यउिाय: 1.अमावस्यायापितृिक्षिरश्राद्धकरिा 2.गाय, क त्तेऔरकौएकोभोजिकरािा 3.गांगाजलिेस्नािऔरपितरोांकाजलतिगणकरिा 4.गरीबोांकोभोजिऔरवस्त्रदािदेिा 5.ब्रह्मणोांकोभोजिकरािाऔरदपक्षणादेिा पिष्कषग पितृदोषपिवारणशाांपतक ेउिायऔरिूजात्र्यांबक े श्वर, नातसकमेंतितधिततरीक ेसे करनेिरजीिनकीरूकािटेंदूरहोतीहैंऔरसुख-शांततप्राप्तहोतीहै।यतदआिअिने जीिनमेंतनरंतरबाधाओंकाअनुभिकररहेहैंतोआजहीिंतिततिद्यानंदगुरूजीसे संिक वकरेंऔरतनशुल्कक ुं िलीजांचकरिाएं।उनक ेसटीकमागवदशवनसेआिका जीिनतिरसेसहीराहिकड़सकताहै।िांिक गकरें: +91 7030000788